आज आखिरकार वो दिन आ गया है जब मैं अपनी मम्मी के घर जाउंगी, वैसे तो मेरा घर मेरी मम्मी से थोड़ी ही दूर है, मतलब 3-4 किलोमीटर, पर जो शादी के बाद पीहर में रहने का सुकून होता है, वो कहीं नी मिलाता .... तो आज मैं बहुत खुश हूं और आज से मेरे बेटे की भी छुट्टी आ गई है...... सुबह उठकर इसीलिये मैंने जल्दी जल्दी खाना बनाया और पीहर जाने का बैग पैक किया। ...आज के लिए बस इतना ही.. आपकी अपनी अर्चना
शादी के बाद मायके जाने की ख़ुशी अलग ही होती है ये बात शादी होने के बाद समझ में आती है। मेरे बेटे के लिए छुट्टी आने वाली है 5 दिन की, तो मैंने सोचा क्यों ना मायके रहकर आई, क्योंकि मेरे पापा की तबीयत खराब रहती है। तो मुझे ऐसा लगता है जब भी समय मिले कुछ पल गुजर लेना चाहिए, तो मैं कल जा रही हूं मायके या खुशी अभी से हो रही है, ऐसा क्यों होता है ससुराल चाहे कितना भी अच्छा हो, पर जो सुकून मायके जाने के बाद बुरा मिलता है । वो कहीं नहीं मिलता है । आपकी प्यारी अर्चना